शुक्रवार, 21 अक्तूबर 2016

संघ प्रमुख मोहन राव भागवतजी करेंगे राष्ट्र सेविका समिति के "अखिल भारतीय कार्यकर्ता प्रेरणा शिविर" का उद्घाटन

राष्ट्र सेविका समिति के 80 वर्ष पूर्ण होने के अवसर समिति द्वारा 11 से लेकर 13 नवम्बर, 2016 तक दिल्ली के तेरापंथ भवन एवं अध्यात्म साधना केंद्र छत्तरपुर में आयोजित किए जा रहे तीन दिवसीय "अखिल भारतीय कार्यकर्ता प्रेरणा शिविर" की जानकारी देने हेतु लोधी एस्टेट, दिल्ली में आज एक प्रेस वार्ता रखी गई थी. जिसमें अलका जी नामदार, शिविर कार्यवाहिका (अ.भा.जॉइंट जनरल सेक्रेटरी, राष्ट्र सेविका समिति) ने "अखिल भारतीय कार्यकर्ता प्रेरणा शिविर" से संबंधित कार्यक्रम की रूपरेखा के बारे में प्रेस को जानकारी दी.

अखिल भारतीय सह कार्यवाहिका एवं शिविर कार्यवाहिका अलका इनामदार जी ने आगे प्रेरणा शिविर के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि महिलाओं के लिए भी शारीरिक, बौद्धिक, मानसिक विकास का अवसर होना चाहिए, राष्ट्र के प्रति दायित्व के प्रति जागरूक होना चाहिए, इस उद्देश्य के निमित्त ही सन् 1936 में विजया दशमी के दिन आद्य संचालिका वंदनीया लक्ष्मीबाई केलकर (मौसी जी) जी ने राष्ट्र सेविका समिति की स्थापना की थी. उसके बाद प्रत्येक 10 वर्ष के अंतराल पर शिविर का आयोजन समिति द्वारा किया जाता है.
उन्होंने बताया कि इस प्रेरणा शिविर में पुरे देश भर से हर नगर, जिला कार्यकारिणी, प्रान्त कार्यकारिणी एवं अखिल भारतीय कार्यकारिणी स्तर की दायित्ययुक्त 2500 कार्यकर्ता बहने भाग ले रहीं हैं. जो इस शिविर के दौरान चिंतन-मनन करेंगी कि राष्ट्र के निर्माण में परिवार की कैसी और क्या भूमिका होनी चाहिए? इस चिंतन से जो नवनीत उभर कर सामने आएगा, उसके आधार पर हम आगे की अपनी कार्ययोजना बनाने वाले हैं. 
उन्होंने आगे बताया कि 11 नवम्बर, 2016 शुक्रवार के प्रातः 10:30 बजे कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूज्य सरसंघचालक माननीय डॉ. मोहन राव भागवत जी अपने कर-कमलों द्वारा करेंगे और इस अवसर पर परम पूज्य आचार्य श्री महाश्रमण जी के विद्वान शिष्य मुनिश्री जयंत कुमार जी का सान्निध्य प्राप्त होगा.
उन्होंने आगे बताया कि इसके पश्चात् अगले दिन 12 नवम्बर, 2016 शनिवार को प्रातः 09:45 बजे गोवा की माननीया राज्यपाल डॉ. मृदुला सिन्हा जी की अध्यक्षता में बौद्धिक सत्र होगा. जिसमें वक्ता कन्याकुमारी स्थित विवेकानंद केंद्र की उपाध्यक्षा माननीया निवेदिता भिड़े जी होंगी. शिविर के अंतिम दिन 13 नवम्बर रविवार को प्रातः 09:45 बजे "राष्ट्र के विकास में परिवार की भूमिका" विषय पर "राष्ट्रीय महिला विचार संगोष्ठी" होगी. जिसकी अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्षा माननीय सुमित्रा महाजन जी करेंगी.
उन्होंने आगे बताया कि "राष्ट्र के विकास में परिवार की भूमिका" विषय पर तीन अलग-अलग बिन्दुओं पर तीन नारी शक्तियां अपनी-अपनी प्रस्तुति प्रस्तुत करेंगी. जिसमें "परिवार : संस्कृति संरक्षण" पर डॉ. उमा वैद्य, उपकुलपति, कालिदास विश्वविद्यालय, रामटेक, नागपुर, "परिवार : सामाजिक समरसता" पर डॉ. मीना चंदावरकर, पूर्व उपकुलपति, महिला विश्वविद्यालय, विजयपुर और "परिवार : आर्थिक विकास" पर डॉ. ज्योतिकिरण शुक्ला, अध्यक्षा, वित्त आयोग, राजस्थान द्वारा विषय प्रस्तुत किया जायेगा.
उन्होंने आगे बताया कि "अखिल भारतीय कार्यकर्ता प्रेरणा शिविर" का समापन समारोह अपरान्ह 04:30 बजे होगा. इस अवसर पर वंदनीया प्रमुख संचालिका राष्ट्र सेविका समिति माननीया शान्तक्का जी का विशेष उद्बोधन होगा और जिसकी अध्यक्षता बैंगलुरु स्थित एन.ए.एल. की वैज्ञानिक डॉ. शुभा जी करेंगी.
उन्होंने आगे कहा कि विश्व के विभिन्न देश आशा की दृष्टि से भारत की ओर देख रहे हैं, ऐसे में वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारत की भूमिका क्या होनी चाहिए, और हम कैसे विश्व का नेतृत्व करने वाले भारत को खड़ा कर सकते हैं, शिविर के दौरान इन विषयों पर विचार विमर्श होगा. साथ ही राष्ट्र सेविका समिति की अभी तक की यात्रा में क्या किया, भविष्य में क्या कर सकते हैं, तीन दिनों में देशभर से आईं कार्यकर्ताओं में आगामी कार्य योजना को लेकर चितंन – मंथन होगा और कहें तो भविष्य का मार्ग (रोड मैप) तय करेंगे.
देश में महिला अधिकारों के मुद्दे पर अलका जी ने कहा कि सड़कों पर उतरकर या संघर्ष से मुद्दे नहीं सुलझते, अपितु उलझते हैं. आपस में विचार विमर्श कर समस्या का हल निकाला जा सकता है. समाज मन और विचार में परिवर्तन लाना होगा. सेविका समिति इसी दिशा में प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि सेविका समिति समाज से अलग नहीं है, यह राष्ट्र के लिए महिलाओं का संगठन है. हमारा आपका राष्ट्र के प्रति दायित्व क्या है, इसका प्रबोधन करवाना है. एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि राष्ट्र सेविका समिति के दरवाजे समस्त महिलाओं के लिए खुले हैं, लेकिन उनकी निष्ठा राष्ट्र के प्रति होनी चाहिए. प्रेस वार्ता में उनके साथ दिल्ली प्रांत प्रचारिका विजया जी, प्रेरणा शिविर की प्रचार प्रमुख सरजना जी भी उपस्थित थीं.
राष्ट्र सेविका समिति का परिचय
वर्तमान में देशभर में राष्ट्र सेविका समिति की करीब 2400 स्थानों पर तीन हजार के लगभग शाखाएं चलती हैं, विश्व के 22 देशों में हिन्दू सेविका समिति के नाम से कार्य चल रहा है. स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वावलंबन, के क्षेत्र में राष्ट्र सेविका समिति द्वारा 400 से अधिक सेवा कार्य देशभर में चलाए जा रहे हैं. सेविका समिति ने वंदेमातरम गीत के सौ वर्ष पूर्ण होने पर वर्ष 2005 में युवा पीढ़ी को केंद्रित करते हुए वंदेमातरम अभियान लिया था. वर्ष 2014-15 में 1570 स्थानों पर किशोरी शिविरों का आयोजन हुआ, जिसमें सवा तीन लाख किशोरियों ने भाग लिया, 168 स्थानों पर आयोजित प्रबुद्ध महिला संगोष्ठियों में करीब 16 हजार महिलाओं ने भाग लिया, 2015-16 में देशभर में 200 स्थानों पर आयोजित तरुणी सम्मेलनों में 65,000 तरुणियों ने भाग लिया. वर्ष 1996 में दिल्ली में सेविकाओं का विशाल सम्मेलन हुआ था, जिसमें 7500 सेविकाओं ने भाग लिया था, इसी प्रकार नागपुर में दस वर्ष पूर्व आयोजित सम्मेलन में 10,000 सेविकाएं उपस्थित थीं. प्रेरणा शिविर केवल दायित्ववान कार्यकर्ताओं का है.

1 टिप्पणी:

  1. I am looking forward to share my views and experience as the " PrernaDeep", one of the 9 speakers ( I have been invited as an Environmentalist) on Nov 12,2016 .It will also be a great opportunity to learn from all the Sevikas.Dr Mrs Janak Palta McGilligan

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