गुरुवार, 21 जुलाई 2016

शंकराचार्य कहीन

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हिन्दूु हिन्दूुत्व के लिए एकजुट हो - शंकराचार्य
हरिद्वार। शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती ने कहा कि हिन्दू स्वयं को जाति वर्ग में न बांट कर जाति वर्ग समाप्त करे और हिन्दूु हिन्दूुत्व के लिए एकजुट हो। गुरु पूर्णिमा का महात्म्य बताते हुए उन्होंने गुरु की स्तुति करने की सीख दी। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने अफसोस जताया कि हिन्दू समाज को बनिया, दलित, ब्राह्मण आदि जातियों और वर्गो में बांटता जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सही नहीं है। शंकराचार्य ने कहा कि देश में दलित नाम की कोई जाति है ही नहीं।

आतंकवाद पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि देश में अवैध रूप से रह रहे विदेशी आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं। ऐसे विदेशियों को भारत से बाहर करना चाहिए। यदि वे भारत से बाहर नही जा रहे हैं तो उनके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जानी चाहिए।

बाबा केदारनाथ की विशेष पूजा-अर्चना
रूद्रप्रयाग (विसंके)। श्रावण मास के प्रथम सोमवार को केदारनाथ धाम में बाबा केदारनाथ की विशेष पूजा-अर्चना कर गंगाजल, दूध, शहद से जलाभिषेक कर घी का लेप लगाया गया। मंदिर के मुख्य पुजारी शशिधर लिंग ने मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की। शिव स्तुति और रुद्रीपाठ के साथ पुजारियों ने वेद मंत्रोच्चार किया। इस अवसर पर मंदाकिनी, सरस्वती और स्वर्गद्वारी नदी के संगम के जल से जलाभिषेक किया और श्रद्धालुओं ने अपने आराध्य का जलाभिषेक कर मनौती मांगी।
उधर, द्वितीय केदार मद्महेश्वर, तृतीय केदार तुंगनाथ धाम सहित शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ और विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी में भी श्रावण मास के पहले सोमवार को विशेष पूजा-अर्चना की गई।
रुद्रप्रयाग नगर में कोटेश्वर महादेव, संगम सहित सूर्यप्रयाग, अगस्त्य ऋषि मंदिर अगस्त्यमुनि, रुच्छ महादेव, सिल्ला में साणेश्वर महाराज मंदिर सहित कई स्थानों पर भक्तों ने भगवान आशुतोष का जलाभिषेक व दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
शिव के जयकारों से गुंजायमान रहे षिवालय
देहरादून (विसंके)। द्रौणनगरी देहरादून में शिवालयों में भी श्रावण मास के पहले सोमवार को श्रद्घालुओं की भीड़ लगी रही। टपकेश्वर मंदिर, तहसील चैक स्थित पंचायती मंदिर, पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर, धर्मपुर शिवमंदिर, ओमकारेश्वर महादेव मन्दिर सहित अन्य मंदिरों भगवान शिव का जल और दूध से अभिषेक किया गया।
कर्णप्रयाग में अलकनंदा और पिंडर के संगम स्थित शिव मंदिर में लोगों ने शिव मंदिर में संगमजल अर्पित किया। लंगासू, कालेश्वर, बमौथ के जलेश्वर, बैनोली के शैलेश्वर, कपीरी के छांतेश्वर, सिंलगी, मैखुरा, टटेश्वर, बगोली के बगलेश्वर, सहित जिलासू में लोगों ने शिव मंदिरों में शिव लिंग का पंच द्रब्यों (दूध, दही, पानी, घी, शहद,) आदि अर्पित किए और विशेष मनोकामनाएं की।

भवदीय
सतेन्द्र
प्रमुख, विश्व संवाद केन्द्र, देहरादून
8126021710
Source : (विसंके)उत्तराखण्ड

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