बुधवार, 15 जून 2016

दिल्ली का 20 दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग (प्रथम वर्ष) सम्पन्न

11-जून-2016, नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (दिल्ली प्रांत) के संघ शिक्षा वर्ग (प्रथम वर्ष) का समापन आज पूर्वी दिल्ली के शंकर नगर स्थित आर.ए. गीता विद्यालय के प्रांगण में हुआ. 23 मई से चल रहे इस संघ शिक्षा वर्ग में डॉक्टर, इंजिनियर, प्रोफेसर, बिज़नेस मैन, स्कूल शिक्षक के साथ-साथ पोस्ट ग्रेजुएशन, ग्रेजुएशन, बारहवीं और दसवीं के छात्रों ने 20 दिन तक शिक्षण प्राप्त किया. इस वर्ग में 15 से 40 वर्ष के कुल 248 शिक्षार्थियों ने प्रशिक्षण लिया, जिनमें दिल्ली प्रान्त के 6 विभाग के 31 जिलों से आये हुए 244 शिक्षार्थी, महाराष्ट्र से 3 तथा आंध्र प्रदेश से आए 1 शिक्षार्थी सम्मिलित थे. शिक्षार्थियों में 46 व्यवसायी कर्मचारी, 17 छात्र इन्जीनियरिंग कॉलेज व एलएलबी के, ग्रेजुएशन व पोस्ट ग्रेजुएशन के 47 छात्र तथा 131 स्कूली शिक्षार्थियों को विभिन्न विषयों का शिक्षण देने के लिए 27 शिक्षक व विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए 47 प्रबन्धक पूर्णकालिक दायित्व के साथ वर्ग में रहे.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर क्षेत्र प्रचारक प्रमुख तथा समापन समारोह के मुख्य वक्ता श्री रामेश्वर जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज विश्व में भारत का गौरव बढ़ा है, ठीक व्यक्ति यदि ठीक स्थान पर आ जाए तो राष्ट्र को उसका लाभ कई पीढ़ियों को मिलता रहता है. उन्होंने राष्ट्र की उन्नति के लिए सभी जातिगत भेदभाव मिटाकर परस्पर सामाजिक समरसता बढ़ाने का आह्वान किया.  उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को नई पीढी को चरित्र निर्माण के लिए शाखा में आकर राष्ट्र निर्माण में सहभागिता करनी चाहिए. यह आह्वान किया कि देश के लिए जीना सीखें.
कार्यक्रम के अध्यक्ष भारत के पूर्व राजनयिक श्री आजाद सिंह तूर जी ने शिक्षार्थियों को इस बीस दिवसीय शिविर को भीषण गर्मी में सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर बधाई देते हुए कहा कि बीस दिन के कठिन परिश्रम के बाद भी सभी विद्यार्थी प्रफ्फुलित हैं और उनके चेहरे पर थकान नहीं हैं, यह देश निर्माण का भाव ही है जो वर्ग में उन्हें मिला तथा प्रकट हो रहा है.
इस वर्ग में यहां आये सभी शिक्षार्थियों, शिक्षकों, एवं प्रबन्धकों ने वर्ग का 800/- रु. शुल्क व संघ के गणवेश का सारा खर्च स्वयं वहन किया.
वर्ग की दिनचर्या प्रतिदिन प्रातः 4:00 से प्रारम्भ हो कर रात्रि 10:30 बजे तक चलती थी. प्रातः दिनचर्या का शुभारम्भ समाज के किसी प्रतिष्ठित व्यक्ति द्वारा प्रातः 5:00 बजे के उचारण भारत माता के चित्र के सामने दीप प्रज्जवलन कर एकात्मता स्त्रोत के उच्चारण से होता था. कुछ प्रमुख व्यक्ति जो इस वर्ग में पधारे उनमें अ.भा.आ.सं के निदेशक डॉ. महेश चन्द्र मिश्र जी, लाल बहादुर शास्त्री विद्यापीठ के उपकुलपति श्री रमेश पाण्डेय जी, राजीव गाँधी केंसर अस्पताल के सी.ई.ओ. श्री ए.बी. शुक्ला जी, श्री शहजाद मोहम्मद खान (रजिस्ट्रार ऑफ़ न्यूज़पेपर आईएस अधिकारी), मनोज वर्मा (IOA के ज्वोइंट सेकेरेट्री) आदि शामिल थे.
वर्ग में सभी शिक्षार्थियों ने प्रातः व सायंकाल मिलाकर 4 घंटे शारीरिक के विभिन्न विषयों का प्रशिक्षण प्राप्त किया. इनमें दंड यानी लाठी, नियुद्ध जिसे जूडो-कराटे भी कहते हैं, योगासन, प्राणायाम, गण समता, व्यायाम योग, खेल आदि प्रमुख विषय रहे. वर्ग में सिखाये इन सभी विषयों का प्रदर्शन समापन समारोह में कुशलतापूर्वक किया गया.
दिनचर्या में प्रतिदिन विभिन्न बौद्धिक कार्यक्रम भी रहते थे, जैसे सामूहिक चर्चा, बौद्धिक, शिक्षार्थियों द्वारा प्रतिभा प्रदर्शन आदि प्रमुख थे. बौद्धिक के विषयों में अनुशासन, हमारा गौरवशाली इतिहास, भारत की विश्व को देन, विभिन्न सामाजिक एवं राष्ट्रीय समस्यायें व उन्हें दूर करने में हमारी भूमिका आदि सम्मिलित थे. रात्रि कार्यक्रमों में विभिन्न महापुरुषों जैसे स्वामी विवेकानन्द, छत्रपति शिवाजी महाराज, वीर सावरकर, गुरु गोविन्द सिंह जी, आदि का जीवन परिचय कथा-कहानी के माध्यम से स्वयंसेवकों को बताया गया.
वर्ग में अन्य विषयों के अतिरिक्त सेवा कार्य कैसे करें व इनका महत्व व आवश्यकता, प्रचार, पर्यावरण एवं जल संरक्षण आदि विषयों की जानकारी व प्रशिक्षण शिक्षार्थियों को दिया गया.
यहां सभी स्वयंसेवक 20 दिन के लिये अपने परिवार से दूर रहे, स्वयंसेवक परिवार स्वयंसेवकों से मिलने व उनके साथ भोजन करने के लिये अपने घरों से भोजन बनाकर लाये. इससे स्वयंसवकों में यह भाव जगाने का प्रयास रहता है कि अपने जन्म वाले परिवार के अतिरिक्त सारा समाज भी अपना ही परिवार ही है. इस कार्यक्रम को वर्ग में ‘मातृहस्त’ भोजन कहते हैं.
इसी प्रकार शिक्षार्थियों में आत्मविश्वास व जिम्मेदारी का भाव जागृत करने के लिये एक दिन वर्ग चलाने व शिक्षण देने की सारी जिम्मेदारियां शिक्षार्थियों को दी गईं. इस दिन को वर्ग में ‘शिक्षार्थी दिवस’ के नाम से पुकारते हैं.
वर्ग के समापन समारोह में दिल्ली प्रान्त संघचालक मा. कुलभूषण आहूजा, वर्ग अधिकारी मा. तरुण गुप्ता जी और वर्ग कार्यवाह मा. भारत जी के साथ बढ़ी संख्या में संघ के अधिकारी व शिक्षार्थियों के परिवार के सदस्य उपस्थित थे.
संघ शिक्षा वर्ग की पद्धति के अनुसार 6 जून को इस बार “स्वच्छ यमुना, निर्मल जीवन” के ध्येय को सामने रखते हुए पथ संचलन निकला गया, जो सायं 6:15 बजे आर. ए. गीता विद्यालय से प्रारम्भ होकर गाँधी नगर और कृष्णा नगर के प्रमुख स्थानों से होते हुए, पुनः आर. ए. गीता विद्यालय पर आकर सायं 7:30 बजे समाप्त हुआ। वर्ग के घोष संचलन में 248 स्वयंसेवक शिक्षार्थी, 26 शिक्षक, 4 वाहिनी और 3 घोष वाहिनियों ने भाग लिया।
वर्ग के शिक्षार्थियों को विभिन्न विषयों की शिक्षा देने के साथ-साथ जीवन के जिन मूलभूत गुणों के विकास की ओर ध्यान दिया गया वे हैं- अनुशासन, समय पालन, आत्म विश्वास, परस्पर समन्वय एवं सहयोग, सभी में समानता का भाव, माताओं बहनों का सम्मान व सुरक्षा, देशभक्ति, दुखी व पीडि़तों के प्रति संवेदना का भाव. वर्ग से शिक्षा प्राप्त कर शिक्षार्थी समाज के अन्य भगिनी-बंधुओं में भी यह भाव जागृत करेंगे- इस प्रेरणा के साथ वर्ग का समापन हुआ.
जारीकर्ता
राजीव तुली
प्रान्त प्रचार प्रमुख, दिल्ली.
9871338284

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