बुधवार, 2 मार्च 2016

जानिए कुछ एहम बातें

24/02/2016
प्रेस विज्ञप्ति
सेना के रिटायर्ड अधिकारियों, देश के सेवानिवृत प्रशासनिक अधिकारियों, विभिन्न राज्यों के पूर्व पुलिस प्रमुखों, सहित पद्म पुरस्कारों से सम्मानित व्यक्तियों के एक समूह ने जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में राष्ट्रविरोधियों गतिविधियों के मद्देनजर राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को एक ज्ञापन देकर उनसे हस्तक्षेप की मांग की है। पंजाब पुलिस के पूर्व प्रमुख के पी एस गिल, उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस प्रमुख प्रकाश सिंह सहित विभिन्न प्रशासनिक, सैन्य, विदेश सेवा एवं दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर सहित देश के चालीस से भी अधिक गणमान्य व्यक्तियों के समूह ने राष्ट्रपति को सौंपे गए अपने ज्ञापन में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में लगाए गए देश विरोधी नारों एवं अफज़ल गुरू और मकबूल बट जैसे आतंकियों के समर्थन में लगाए गए नारों को विश्वासघात की संज्ञा देते हुए इसे सैन्य बलों और शहीदों का अपमान बताया है।

बांग्लादेशी घुसपैठ ने बदला पश्चिम बंगाल का जनसंख्या चरित्र

                                                      लेखक : राजेन्द्र चड्डा
आज देश  में मुख्य राजनीतिक धारा में अपवाद स्वरूप ही एकआध को छोड़कर शायद कोई राजनीतिक दल भारत के विभिन्न राज्यों में बड़े पैमाने पर बांग्लादेश से लगातार हो रही मुसलमानों की अवैध आवाजाही और घुसपैठ से इंकार करेगा। जबकि दूसरी ओर, धार्मिक समुदायों की जनसंख्या के जनगणना 2011 के आंकड़े दूसरी ही कहानी बताते हैं। अगर देश  के पूर्वोत्तर भाग, जहां पर बांग्लादेशी आबादी की व्यापक स्तर पर हुई अवैध घुसपैठ के कारण भू राजनीतिक-सांस्कृतिक परिदृश्य ही परिवर्तित हो चुका है, को देंखे तो असम में मुसलमानों की जनसंख्या में वृद्धि हैरानी के साथ चिंता में डालने वाली है।