मंगलवार, 5 जनवरी 2016

पंजाब के आतंकवाद पीड़ित परिवारों ने रखी वित्त मंत्री के समक्ष अपनी व्यथा

नई दिल्ली, 3 जनवरी । पंजाब के 1984 दंगा पीड़ित परिवारों ने काफी समय से लंबित अपनी मांगों और राहत पैकेज के लिए वित्तमंत्री श्री अरुण जेटली जी के आवास पर भेंट की। ‘आतंकवाद पीड़ित सहायता समिति पंजाब’ के सहयोग से बड़ी संख्या में पंजाब से आये पीड़ित परिवारों ने अपनी व्यथा वित्त मंत्री जी को बताई।

पंजाब के आतंकवाद पीडि़त शहीद परिवार के लोगों की बात को श्री अरुण जेटली जी के समक्ष रखते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक एवं राष्ट्रीय सिख संगत के संगठन महासचिव श्री अविनाश जायसवाल जी ने बताया कि इन परिवारों की मांग है कि वह आतंकवाद के पीड़ित हैं, उनके परिवार में से किसी का पति, बेटा, भाई आतंकवाद के कारण जान गंवा चुके हैं। इस कारण से यह परिवार अभी तक संभल नहीं पाए हैं। केन्द्र में मोदी जी की जो नई सरकार आई है, यह ऐसे उग्रवाद से पीडि़त परिवारों की सुध ले और इनकी आवश्यक सहायता करे। जिसमें उग्रवाद के पीड़ित परिवारों के नौजवानों के लिए नौकरियों की व्यवस्था हो, उग्रवाद के कारण कर्ज से घिरे परिवारों के कर्जे माफ किए जाएं। आतंकवाद पीडि़त परिवारों ने अपनी यह मांग वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली के समक्ष रखीं।

श्री जायसवाल ने बताया कि पंजाब में उग्रवाद के समय कुछ लोग हिन्दू सिख का विषय खड़ा कर रहे थे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने उस विषय को संभाला और ‘राष्ट्रीय सुरक्षा समिति’ के नाम से एक संगठन खड़ा किया। पंजाब सरकार के भूतपूर्व केबिनेट मंत्री डॉ. बलदेवराज चावला को इसका अध्यक्ष बनाया गया और उन्हें महासचिव। उस समय जब ऐसी आतंकवाद की घटनाएं हो जाती थीं तब इस समिति के माध्यम से हम उन पीड़ित परिवारों को भी संभालते थे और सरकार से उनका तालमेल बैठाकर जो आवश्यक सहयोग, सहायता करनी होती थी वह भी करवाते थे।

समिति के महासचिव तथा पंजाब के पूर्व केबिनेट मंत्री डॉ. बलदेव राज चावला ने इस सन्दर्भ में एक ज्ञापन वित्त मंत्री को सोंपा, वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने पीड़ित परिवारों की समस्याएँ सुनी और इसके लिए सरकार द्वारा आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।

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