रविवार, 31 जनवरी 2016

आ गया मधुमास प्यारा


ओ3म्

ॠतुराज वसंत पर विशेष-
आ गया मधुमास प्यारा
 -विमलेश बंसल  ‘आर्या’                                     8130586002
                                                           Vimleshbansalarya69@gmail.com

आ गया मधुमास प्यारा,
ओढ़कर नव वसन न्यारा॥
प्रकृति का यौवन निराला,
गा रहा स्वर तान प्यारा॥
नमन हे ईश्वर तुम्हारा,
नमन हे ईश्वर तुम्हारा॥


1 कूप झरने नदी सागर।
मधुर रस में तृप्त गागर॥
झूमते सब पेड़ पौधे।
नृत्य करते मोर मोहते॥
कुहुक कोयल की निराली।
मगन पुष्पम् डाली डाली॥
पृथ्वी माता हरित आंचल।
हरित चुन्नी हरित हर तल॥
लेतीं जब अंगड़ाइयाँ तब।
मन भ्रमर डोले हमारा॥
नमन हे ईश्वर तुम्हारा,
नमन हे ईश्वर तुम्हारा

2 वाक्देवी सरस्वती माँ।
मान करती हैं प्रकृति का॥
गीत कविता लिख रहे कवि।
‘विमल’ बन सब दे रहे हवि॥
रंग रहे रंगरेज़ चोला।
बन बसंती मन ये डोला॥
गा रहा वीरों की गाथा।
धन्य हैं वे वीर माता॥
हे हकीकत नाज़ तुम पर।
कह रहा ॠतुराज प्यारा॥
नमन हे ईश्वर तुम्हारा,
नमन हे ईश्वर तुम्हारा॥

329 द्वितीय तल संत नगर  पूर्वी कैलाश, नई दिल्ली-110065

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