शुक्रवार, 11 नवंबर 2016

'राष्ट्र सर्वोपरि', विचारकों एवं कर्मशीलों का राष्ट्रीय विमर्श 'लोकमंथन' का आयोजन भोपाल में

लोकमंथन
नई दिल्ली, (टाफार). लोकमंथन, देश में पहली बार एक ऐसा आयोजन जो जयपुर में हर साल आयोजित होने वाले अंगरेजी दा लिटरेरी महोत्सव से एकदम अलग होगा. मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 12 से 14 नवम्बर तक आयोजित किए जाने वाले इस आयोजन की विशेषता यह होगी की इसमें राष्ट्र निर्माण में कला, संस्कृति और इतिहास की भूमिका पर विस्तार में चर्चा होगी और ख़ास बात यह की यह मंथन औपनिवेशिक मानसिकता से आजादी के लिए होगा.
इस तीन दिवसीय महोत्सव का आयोजन मध्यप्रदेश सरकार और प्रज्ञा प्रवाह नामक संस्था द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा और इसमें कला, संस्कृति, इतिहास, राजनीति, अर्थ नीति समाज-विज्ञान और तमाम दूसरे क्षेत्रों से जुड़े युवा और बुद्धिजीवी मिलकर सार्थक संवाद करेंगे और राष्ट्रवादी सोच के अनुरूप चर्चा करेंगे.

गुरुवार, 27 अक्तूबर 2016

विभिन्न राज्यों में जेहादी सांप्रदायिक हिंसा पर वक्तव्य

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

अखिल भारतीय कार्यकारी मंडलभाग्यनगर (तेलंगाणा)

आश्विन कृष्ण 8-10  युगाब्द 5118 (23-25 अक्तूबर 2016)

अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल केरल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तथा अन्य विरोधियों के विरुद्ध उसकी निरंतर हिंसा की कठोर शब्दों में निंदा करता है| केरल में 1942 में अपना कार्य प्रारंभ करने के समय से ही संघ द्वारा केरल प्रदेश के नागरिकों में राष्ट्रीय भावना, एकता एवं एकात्मता का भाव उत्पन्न करने के पवित्र कार्य तथा इसकी लोगों में सतत बढ़ती लोकप्रियता एवं प्रभाव से हताश होकर वामपंथी एवं बाद में विशेषकर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, संघ की शाखाओं कार्यकर्ताओं पर अकारण एवं नृशंस आक्रमण कर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को समाप्त करने के निष्फल प्रयासों में जुटे हुए हैं| मार्क्सवाद, एक विचारधारा के नाते अपनी मूल प्रवृत्ति से ही, केवल असहिष्णु अपितु अधिनायकवादी भी है| केरल प्रदेश में गत सात दशकों में रक्त पिपासु मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी काडर द्वारा अपने नेतृत्व की मूक सहमति एवं मिलीभगत से 250 से अधिक संघ के ऊर्जावान एवं होनहार युवा कार्यकर्ताओं की वीभत्स तरीके से हत्याएँ एवं भारी संख्या में स्त्रियों और पुरुषों को गंभीर चोटें पहुचाकर उन्हें अक्षम बनाया है| संघ के इन उत्पीड़ित कार्यकर्ताओं की सर्वाधिक संख्या मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी का गढ़ माने जाने वाले कन्नूर जिले से ही है| संघ के स्नेह तथा आत्मीयता आधारित कार्य, स्वच्छ छवि एवं राष्ट्रवादी चिंतन से आकर्षित होकर, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के काडर का निरंतर उसके प्रभाव में आते जाना उनको सर्वाधिक अखरता है|

शुक्रवार, 21 अक्तूबर 2016

दीनदयाल उपाध्याय संपूर्ण वाङ्मय, लोकार्पण - रिपोर्ट

नई दिल्ली,। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीनदयाल उपाध्यायजी को विकल्प की राजनीति का प्रणेता बताते हुए कहा कि उनकी मजबूत नींव के सहारे ही अल्पावधि में भाजपा की विपक्ष से विकल्प तक की यात्रा संभव हुई। दीनदयालजी ने छोटे से जीवनकाल काल में एक विचार को विकल्प बना दिया।

यहाँ विज्ञान भवन में पंडित दीनदयाल उपाध्यायजी केजन्मशती वर्ष पर प्रभात प्रकाशन द्धारा प्रकशित उनके सम्पूर्णवाङ्मय का लोकार्पण करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दीनदयालजी के ही अथक प्रयासों का परिणाम है कि एक राजनीतिक दल की बहुत कम समय में विपक्ष से विकल्प तक की यात्रा संभव हुई।

संघ प्रमुख मोहन राव भागवतजी करेंगे राष्ट्र सेविका समिति के "अखिल भारतीय कार्यकर्ता प्रेरणा शिविर" का उद्घाटन

राष्ट्र सेविका समिति के 80 वर्ष पूर्ण होने के अवसर समिति द्वारा 11 से लेकर 13 नवम्बर, 2016 तक दिल्ली के तेरापंथ भवन एवं अध्यात्म साधना केंद्र छत्तरपुर में आयोजित किए जा रहे तीन दिवसीय "अखिल भारतीय कार्यकर्ता प्रेरणा शिविर" की जानकारी देने हेतु लोधी एस्टेट, दिल्ली में आज एक प्रेस वार्ता रखी गई थी. जिसमें अलका जी नामदार, शिविर कार्यवाहिका (अ.भा.जॉइंट जनरल सेक्रेटरी, राष्ट्र सेविका समिति) ने "अखिल भारतीय कार्यकर्ता प्रेरणा शिविर" से संबंधित कार्यक्रम की रूपरेखा के बारे में प्रेस को जानकारी दी.

सोमवार, 17 अक्तूबर 2016

देश की सुरक्षा के लिए सेना के साथ समाज की एकजुटता भी है आवश्यक : आलोक कुमार

Alok Kumar
आलोक कुमार
नई दिल्ली, 11 अक्टूबर . राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने विजयादशमी के अवसर पर आज टाउन हॉल स्थित कम्पनी बाग में शस्त्र पूजन किया. अपने नए गणवेश में पहली बार देश की राजधानी में स्वयंसेवकों ने एतिहासिक चांदनी चौक, जामा मस्जिद, लाल किला, नई सड़क तथा टाउन हॉल से पथ संचलन निकाला. मार्ग में प्रत्येक समुदाय के लोगों ने स्वयंसेवकों का पुष्प वर्षा से स्वागत किया. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ दिल्ली प्रान्त के सह संघचालक श्री आलोक कुमार ने इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में लोगों को संबोधित किया.

सोमवार, 26 सितंबर 2016

विश्व शांति आध्यात्मिक गलियारों से ही संभव—अवधेशानंदगिरी जी

हिन्दू आध्यात्म एवं सेवा मेला शुरू 
जयपुर 23 सितम्बर।
द्वितीय हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला का शुभारंभ शुक्रवार को जयपुर के एस.एम.एस इन्वेस्टमेन्ट ग्राउण्ड हुआ। हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा फाउण्डेशन, जयपुर द्वारा आयोजित इस हिन्दू मेले के उद्घाटन समारोह में महामण्डलेश्वर पू. अवधेशानन्दगिरी जी का आशीवर्चन मिला। समाज—बंधुओं को संबोधित करते हुए अवधेशानन्दगिरी जी ने कहा कि हमारी निजता का बोध कराये उसी को आध्यात्म कहते है, हमारा आध्यात्म प्रेम, सेवा, संवेदना है जो हमारी विराटता का बोध कराती है। उन्होनें कहा कि पश्चिम का दृष्टिकोण है कि पूरा विश्व बाजार है, जबकि भारतीय दृष्टिकोण परिवार का है। उन्होंने यह भी कहा कि विश्व शांति का मार्ग राजनीति या हथियारों के गलियारों से होकर नहीं बल्कि आध्यात्मिक गलियारों से गुजरता है।

मंगलवार, 20 सितंबर 2016

अग्र समाज के जन्मदाता, सेवा व समरसता के पुरोधा - महाराज अग्रसेन

लेखक - विनोद बंसल
Vinod Bansal
लेखक : विनोद बंसल
वैश्य अग्रवाल परम्परा के पितृ पुरुष महाराज अग्रसेन कलयुग के प्रथम नरेश थे। महाराजा परिक्षित का राज्याभिषेक उनके पश्चात ही हुआ। ईशा से 3102 वर्ष पूर्व यानि आज से लगभग 5118 वर्ष पूर्व कुरुक्षेत्र में जब महा भारत का समर आरम्भ हुआ उस समय बालक अग्रसेन किशोरावस्था में थे। यानि उनका जन्म आज से 5133-34 वर्ष पूर्व आश्विन शुक्ल प्रतिपदा (प्रथम शारदीय नवरात्र के दिन) हुआ।

शुक्रवार, 2 सितंबर 2016

विद्यार्थी परिषद ने परचम लहराया

—राजस्थान विवि छात्रसंघ चुनाव
—विद्यार्थी परिषद की शानदार जीत
—एनएसयूआई नहीं खोल पाई खाता जयपुर, 31 अगस्त।
राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का प्रदर्शन शानदार रहा। एनएसयूआई को कराई हार झेलनी पडी। वह एक भी सीट नहीं निकाल पाई जबकि विद्यार्थी परिषद ने तीन सीटों पर विजय प्राप्त की।

गुरुवार, 28 जुलाई 2016

पुस्तक Compassion in 4 Dharmic Tradition’ के विमोचन

नई दिल्ली, 26 जुलाई, 2016 (Tuffer). आज प्रो. वेद प्रकाश नंदा द्वारा संकलित एवं प्रभात प्रकशन से पुस्तक Compassion in 4 Dharmic Tradition के विमोचन के अवसर पर आरएसएस के सरसंघचालक प.प. डॉ. मोहन राव भागवत जी ने कहा कि करुणा के आभाव में क्या-क्या हो रहा है. ये सब वर्त्तमान में हम सभी अनुभव कर रहें हैं, समाचार पत्र-पत्रिकाओं के माध्यम से पढ़ भी रहे हैं तथा न्यूज़ चैनलों के माध्यम से टीवी स्क्रीन पर देख भी रहें है. इसे बताने की आवश्यकता नहीं है. 

सोमवार, 25 जुलाई 2016

सेवा भाव समाज कार्यों के लिए आवश्यक

संवेदना, सहयोग समर्पण, तथा सेवा भाव समाज कार्यों के लिए आवश्यक - डॉ. बजरंग लाल गुप्त जी
Nistha
नई दिल्ली. महिलाओं और बच्चों के लिए काम करने वाले गैर सरकारी संगठन निष्ठा के 7 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर डॉ. मुरली मनोहर जोशी, रा.स्व.संघ के उत्तर क्षेत्र संघचालक डॉ. बजरंगलाल गुप्त तथा पंजाब केसरी की प्रबन्ध निदेशक श्रीमती किरण चोपड़ा ने निष्ठा की पुस्तकसशक्तिकरण का विमोचन किया। इस अवसर पर संगीतमय कार्यक्रम में वयोवृद्ध विख्यात गीतकार श्री संतोश आनन्द को सम्मानित किया गया। सिगनेचर ग्लोबल, जिंदल ओवरसीज तथा निष्ठा संगठन से जुड़ी अन्य उद्यम संस्थाओं के सहयोग से 23 जुलाई को आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तराखण्ड आपदा में निष्ठा के माध्यम से सेवा कार्यों के लिए साध्वी विचित्रा रचना, डॉ. देवप्रकाश सेमवाल को भी सम्मानित किया गया।

शिक्षा के साथ विद्या का समन्वय

शिक्षा के साथ विद्या का समन्वय लेकर चलें शिक्षक: डॉ. मोहन भागवत
शिक्षा के साथ विद्या
नई दिल्ली, 24 जुलाई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने सिविक सेंटर स्थिति केदारनाथ साहनी आडिटोरियम में अखिल भारतीयशिक्षा भूषणशिक्षक सम्मान समारोह में शिक्षकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि शिक्षा में परम्परा चलनी चाहिए, शिक्षक को शिक्षा व्यवस्था के साथ विद्या और संस्कारों की परम्परा को भी साथ लेकर चलना चाहिए। सभी विद्यालय अच्छी ही शिक्षा छात्रों को देते हैं फिर भी चोरी डकैती, अपराध आदि के समाचार आज टीवी और अखबारों में देखने को मिल रहे है। तो कमी कहां है? सर्वप्रथम बच्चे मां फिर पिता बाद में अध्यापक के पास सीखते हैं।

गुरुवार, 21 जुलाई 2016

शंकराचार्य कहीन

News
हिन्दूु हिन्दूुत्व के लिए एकजुट हो - शंकराचार्य
हरिद्वार। शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती ने कहा कि हिन्दू स्वयं को जाति वर्ग में न बांट कर जाति वर्ग समाप्त करे और हिन्दूु हिन्दूुत्व के लिए एकजुट हो। गुरु पूर्णिमा का महात्म्य बताते हुए उन्होंने गुरु की स्तुति करने की सीख दी। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने अफसोस जताया कि हिन्दू समाज को बनिया, दलित, ब्राह्मण आदि जातियों और वर्गो में बांटता जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सही नहीं है। शंकराचार्य ने कहा कि देश में दलित नाम की कोई जाति है ही नहीं।

श्री दिलीप धारुरकर जी का लेख "भारत माता की जय"

एक लेख
शायद ही दुनिया में ऐसा कोई देश हो जिसके स्वाधीनता के सत्तर साल पश्चात् देश की जय-जयकार के सामने सवालिया निशान लगता हो। शायद ही दुनिया में ऐसा कोई देश हो जिसमें स्वाधीनता संग्राम के मंत्र स्वरूप वंदे मातरम् की घोषणा को दोहराने में लोग विरोध करते हों, हां पड़ोसी देश से बेरोकटोक आने वाले घुसपैठियों को रोकने हेतु छात्रों को आंदोलन करना पड़े, जहाँ राष्ट्रध्वज की वंदना के लिए सख्ती बरतने की चर्चा होती हो। दुर्भाग्यवश दुनिया में ऐसा एकमात्र देश अपना भारत ही बना हुआ है जहाँ यह सभी अनहोनी जैसी बातें होती है। स्वार्थ, राजनीति और वोट बैंक के लालच ने इस देश के राजनेताओं, विचारकों को इतना निचले स्तर पर ला खड़ा किया है कि देशभक्ति, देशप्रेम का सौदा करने में उन्हे जरा भी हिचकिचाहट नहीं होती है