गुरुवार, 13 अगस्त 2015

संस्कृतभारती से समाचार

नमस्ते!
२३ अगस्त, २०१५ दिन रविवार को धरती की सबसे शुद्ध और वैज्ञानिक संस्कृत भाषा को देश के लाखों घरों तक पहुँचाने के लिये अब तक का सबसे बड़ा देशव्यापी अभियान
'गृहं गृहं प्रति संस्कृतम्' आयोजित हो रहा है।
जिसमें लाखों कार्यकर्ता , शिक्षक और छात्र एक दिन का पूर्ण समय  संस्कृत के लिए समर्पित करेंगे।

अपने-अपने घरों से निकलकर प्रातः ८ बजे से सायं ७ बजे तक पूरे दिन अपनी गली, मोहल्ले और बस्ती के अधिकतम घरों में संस्कृत का प्रसार करेंगे और व्यावहारिक संस्कृत शब्दों  जैसे - नमस्ते,  हरिओम, मम नाम, स्वागतम्, धन्यवाद: आदि का प्रयोग करेंगे। संपर्क करने वाले को संस्कृत की जितनी जानकारी हो उतनी उसे सम्पर्कित घर में बोलनी है। सम्पर्क के समय "वदतु संस्कृतम्" पुस्तक सशुल्क ( सहयोग राशि 5 ₹/. ) और प्रचार पत्रक का वितरण भी होगा।

आप संस्कृत के अनन्य अनुरागी हैं। इसलिये यदि आप भी इस महाभियान में सम्मिलित होंगे तो यह अभियान अधिक व्यापी होगा। अत: आप अपने वसति के वसति प्रमुख का दायित्व निर्वहन करें यह निवेदन है। अभियान के लिए ३- ४ लोगों के सम्पर्क गण की रचना भी करें।

आप वाट्सएप पर अपने परिचितों को सन्देश भेजकर या दूरवाणी पर बातकर उन्हे अभियान में सम्मिलित होने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। आपका तन-मन-धन तीनों देवभाषा के पुनीत कार्य में आवश्यक है।

।।लसतु संस्कृतं चिरं गृहे गृहे च पुनरपि।।

संस्कृतभारती

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