गुरुवार, 2 अप्रैल 2015

किशनगंज मे मोहन भागवत : विस्तारित समाचार

माता सरस्वती के साथ लेकर आए मोहनराव : डॉ. दिलीप

 

संवाद सूत्र, किशनगंज : विद्या की देवी मां सरस्वती समस्त संसार को सुख सुविधा से संपन्न करती हैं। माता सरस्वती के साथ मोहनराव भागवत जी का किशनगंज आये हैं। यह बातें मंगलवार को विधान पार्षद डा. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहीं। वे मोतीबाग स्थित सरस्वती विद्या मंदिर परिसर में आयोजित लोकार्पण समारोह में बतौर अध्यक्ष, सरस्वती विद्या मंदिर सरसंघ चालक मोहनराव भगत सहित अतिथियों का स्वागत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विद्या भारती के अंतर्गत हिंदुत्व एवं राष्ट्रभक्ति से अनुप्राणित शिक्षा देते हुए राष्ट्र के आवश्यकतानुसार निर्माण में अपना यह विद्या मंदिर सर्वश्रेष्ठ है। विद्या मंदिर को तमाम महानुभावों व अभिभावकों का आर्शीवाद प्राप्त है। युवा राष्ट्र के निर्माण में अग्रसर रहे। इस हिंदूमय विद्या मंदिर के तरफ से आप सभी को आभार प्रकट करते हैं। ईश्वर की कृपा से सरस्वती विद्या मंदिर के प्लस टू भवन के लोकार्पण राष्ट्र स्वयं सेवक के सर संघ चालक मोहन राव भागवत के हाथों से होना हमलोगों के लिए गर्व की बात है। वहीं अपने संबोधन के दौरान मोहन भागवत ने इंटर स्तरीय सरस्वती विद्या मंदिर के निर्माण में डॉ दिलीप कुमार के योगदान की भूरि-भूरि प्रशंसा की। कोचाधामन भाजपा मंडल के अध्यक्ष मस्कूर आलम व पूर्व जिप अध्यक्ष शकील अख्तर राही ने मोहनराव भागवत के बौद्धिक उद्भेदन को प्रत्येक अभिभावक की चाहत धड़कन की संज्ञा दी ।




किशनगंज से संबंध बहुत पुराना है: मोहन भागवत

संवाद सूत्र, किशनगंज : किशनगंज से संबंध बहुत पुराना है। आना-जान बीच में कम हो गया था। संबंध जब बन जाता है तो बना रहता है। मैंने सुना है कि मैं यहां क्यों आ रहा हूं। इसकी चर्चा हो रही है। मेरा अपना परिचय है। आता- जाता हूं। यह बात राष्ट्रीय स्वयं सेवक के सर संघ चालक मोहन राव भागवत ने मंगलवार को सरस्वती विद्या मंदिर मोतीबाग में नव निर्मित भवन का लोकार्पण के दौरान कही।

-गांव का विकास होना चाहिए: उन्होंने कहा कि जो सुविधा राजधानी दिल्ली में है, ऐसी ही सुविधा देश की सीमावर्ती क्षेत्रों में या अंतिम पायदान पर स्थित गांव गांव में पहुंच जाए तो देश आर्थिक दृष्टि से व विकास की दृष्टि से स्वस्थ हो जाएगा। जिसके लिए सरकार प्रयासरत है। उन्होंने विद्यालय परिसर में 12वीं पढ़ाई के लिए नए भवन का लोकार्पण किया। वहीं विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भव्य स्वागत नृत्य से कार्यक्रम की शुरुआत हुई।

धनपशु नहीं बनना है: श्री भागवत ने कहा कि हमने सरस्वती विद्या मंदिर को किला बनाया है जहां से बच्चे तैयार होकर अच्छे नागरिक बनेंगे। सबको अपने साथ लेकर चलेंगे। ना कि खूब पढ़ लिख कर धन कमा कर पशु बनेंगे। सीमांचल के क्षेत्रों में और भी सरस्वती विद्या मंदिर खोलने की आवश्यकता है। देश के दुश्मनों को मुंह की खानी पड़ेगी। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आप संस्कारों की शिक्षा घरों से दूर जा रही है। जिसे बरकरार रखने की आवश्यकता है।

बुढ़ापे की लकड़ी: उन्होने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ऐसी ही हाल रहा तो अपनी ही संतान उसके पिता के बुढ़ापे का सहारा नहीं बनेंगी।

परिवार होना चाहिए बड़ा: मोहन राव भागवत ने कहा कि जो आदमी अपना दायरा नहीं बढ़ाता है वह आदमी नहीं कहलाता है। जो आदमी अपने को अलग मानता है, वह अपने स्वार्थ के लिए दूसरों को नुकसान पहुंचाता है। तब वह पशु बन जाता है। लेकिन पशु भी पर्यावरण का ख्याल रखते है। उन्होंने कहा कि ज्ञान की गंगा आपके क्षेत्र में आ गई है, आप इससे लाभान्वित हों।


युवा पीढ़ी को ज्ञानवान व विवेकवान बनाएं: मोहन भागवत

संवाद सूत्र, किशनगंज: सीमांचल में विश्व स्तरीय संस्कारयुक्त विद्यालय अधिक संख्या में खुलना चाहिए। भारत की युवा पीढ़ी को ज्ञानवान व विवेकवान बनाना है। इसके लिए प्रत्येक माता-पिता को अपने घर में अपनी परंपरागत संस्कृति का अनुपालन करना होगा अन्यथा अपने ही बच्चे हमें भूल जाएंगें। यह बात राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघ चालक मोहन भागवत ने कहीं। उन्होंने सरस्वती ंिवद्या मंदिर मोतीबाग के इंटरमीडिएट भवन का लोकार्पण के बाद मंगलवार को किशनगंजवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसा ही संस्कार व ज्ञान विद्या भारती शैक्षणिक संगठन का मूल उद्देश्य है। इसलिए सीमांचल में ऐसे शैक्षणिक संस्थानों की अधिकाधिक आवश्यकता है। जिससे कि सीमांचल के लोग अधिकाधिक संख्या में और संस्कारित बन सके। इसके लिए अधिक से अधिक दान व सहयोग की जरुरत है। लगभग 45 मिनट के संबोधन में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघ चालक मोहनराव भागवत गुरु द्रोणाचार्य, मुनि वशिष्ठ की तरह शिष्यों व बच्चों के सुन्दर भविष्य की चिंता में डूबे अभिभावक दिखे। इस अवसर पर मौजूद गणमान्य नागरिक, शिक्षा विद , आचार्यगण व महिलाएं उनकी बात को ध्यान से सुन रही थी। इससे पहले विधान परिषद सदस्य डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल बतौर सरस्वती ंिवद्या मंदिर के अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय मंत्री सरदार बलबंत सिंह रामूवालिया ने मंच की अध्यक्षता करते हुए लोकार्पण समोराह को संबोधित किया। मंच संचालन सरस्वती विद्या मंदिर के पूर्व प्राचार्य व लोक शिक्षा समिति के प्रदेश सचिव दिलीप झा ने किया। इस दौरान मंच पर मुख्य अतिथि सरसंघ चालक मोहनराव भागवत के अलावा सरस्वती विद्या मंदिर के संस्थापक अध्यक्ष अधिवक्ता बाल अग्रवाल, क्षेत्रीय संघ चालक सिद्धिनाथ सिंह व प्रो राजमणी प्रसाद सिंह मौजूद थे।


सरस्वती विद्या मंदिर में तरासे जाते हैं अनगढ़: अहलूवालिया

संवाद सहयोगी, किशनगंज :सरस्वती विद्या मंदिर अनगढ़ को तरासते हुए राष्ट्रभक्त व कर्मठ बनाता है। यह बात मंगलवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री सरदार बलवंत सिंह रामूवालिया ने मोतीबाग स्थित सरस्वती विद्या मंदिर परिसर में लोकार्पण समारोह कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कही। अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि सरस्वती विद्या मंदिर ज्ञान का वह सागर है, जो पुरानी किवंदती को चरितार्थ कर रहा है। कहा जाता है कि भारत देश में एक सरोवर था जिसमें कौआ डूबकी लगाते थे। इससे उनका रंगसफेद हो जाता था। अर्थात काली बुद्धि को सद्बुद्धि मिलती थी । भारतीय संस्कृति में गौरव व सम्मान का विशेष महत्व है। आज के दौर में वहीं विद्यार्थी सफलता की राह पर आगे बढ़ेगा, जिनमें संस्कार के साथ उच्च स्तरीय ज्ञान प्राप्त की लालसा होगी। इस प्रकार की लालसा व प्यास विद्या भारती द्वारा संचालित सभी सरस्वती विद्या मंदिरों से ज्ञान प्राप्त करके बुझाई जा सकती है।


कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सर संघ चालक पहुंचे किशनगंज

संवाद सहयोगी, किशनगंज : सरस्वती विद्या मंदिर में इंटरमीडिएट भवन का लोकार्पण करने के लिए एक दिन पूर्व सोमवार को सर संघ चालक मोहन राव भागवत कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच किशनगंज दोपहर लगभग तीन बजे पहुंच गए। रात्रि विश्राम कमल मोदी के घर पर करेंगे। मौके पर मौजूद जनों का उन्होंने हाथ हिलाकर अभिवादन किए। इस मौके पर सह विभाग संघ चालक नागराज नख्त ने बताया कि सर संघ चालक मोहन राव भागवत का विशेष विमान दोपहर एक बजे बागडोगरा एयरपोर्ट पर उतरा। वहां श्री भागवत का भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद दोपहर 1:20 बजे श्री भागवत कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सड़क मार्ग से किशनगंज के लिए निकले। दोपहर बाद 3:00 बजे किशनगंज पहुंचे गए। वहीं कमल मोदी ने बताया कि मेरे ऊपर ईश्वरीय कृपा हुई है कि श्री भागवत मेरे निवास स्थान पर पहुंचे। श्री भागवत के सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसडीपीओ मो. कासिम सहित कई पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे। इस दौरान मुख्य रुप से राजेश्वर वैद, सुभाष साहा, अंजुल मोदी, मोहन कुमार चौधरी, सुबोध माहेश्वरी, मिक्की साहा, भुपेन्द्र प्रसाद, पंकज कुमार साहा उर्फ मानू, जयकिशन प्रसाद, पूर्णिया जिले के भाजपा के आजीवन सहयोग निधि प्रकोष्ट प्रदेश संयोजक विजय खेमका, शंकर दास व अन्य लोग मौजूद थे।


कल सर संघ चालक मोहन भागवत आएंगे किशनगंज

संवाद सूत्र, किशनगंज : 31 मार्च को सर संघ चालक मोहन राव भागवत सरस्वती विद्या मंदिर में तैयार इंटर मीडिएट भवन का उद्घाटन करेंगे। इसे लेकर रविवार को किशनगंज एसडीपीओ मो. कासीम व बायसी एसडीपओ रमन कुमार चौधरी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। दोनों ने संयुक्त रुप से कार्यक्रम स्थल का सुरक्षा की लिहाज से मुआयना किया। कार्यक्रम सरस्वती विद्या मंदिर के परिसर में आयोजित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि बायसी एसडीपीओ श्री चौधरी कार्यक्रम स्थल पर कैंप कर रहे हैं। एसडीपीओ मो. कासीम ने बताया कि संघ प्रमुख के आगमन को लेकर शहर के प्रत्येक लॉज, होटलों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन व हर आने जाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। शहर में चेकिंग अभियान भी चलाया जा रहा है। बंगाल की सीमा पर भी चौकसी बरती जा रही है। हर एक संदिग्ध व्यक्ति पर नजर रखी जा रही है। सुरक्षा के लिहाज से कार्यक्रम स्थल सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल से कुछ समय के लिए ढ़ेकसरा सड़क को बंद कर दिया जाएगा। इसी मार्ग से संघ प्रमुख कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे।



सर संघ चालक करेंगे इंटरमीडिएट भवन का उद्घाटन

संवाद सहयोगी, किशनगंज : उत्तर बिहार में संचालित 225 सरस्वती विद्या मंदिर में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अपने ही विद्यालय में प्लस टू की शिक्षा मिलेगी। इसी पहल के तहत सत्र 2016-17 में सरस्वती विद्या मंदिर किशनगंज में प्लस टू की पढ़ाई शुरु हो जाएगी। यह जानकारी रविवार को विद्या भारती के क्षेत्रीय सचिव दिलीप कुमार झा ने दी। श्री झा मोती बाग स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में रविवार को पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्लस टू की पढ़ाई के लिए यहां भवन बन कर तैयार है। जिसका लोकार्पण 31 मार्च को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघ चालक मोहन राव भागवत के हाथों से होगा। लोकार्पण के उपरांत श्री भागवत शिक्षा, समाज व संस्कृति को लेकर अपने विचार व्यक्त करेंगे। उनके विचार व संबोधन को सुनने के लिए लगभग दस हजार लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। साथ ही श्री भागवत के विचार सुनकर प्रधानाध्यापक, आचार्य और विद्यार्थियों में पठन-पाठन का स्तर और भी बढ़ेगा। सह सचिव लोक शिक्षा समिति बिहार नकुल कुमार शर्मा ने कहा कि विद्या भारती दुर्गम इलाकों में भी शिक्षा का अलख जगाने की कोशिश में लगी है। जिसके तहत विद्या भारती अंडमान निकोबार में सरस्वती विद्या मंदिर की चार और लेह लद्दाख में 12 यूनिटों में विद्यार्थियों को देश भक्ति, कर्म प्रधान और स्वाभिमानी बनाने का प्रयास शिक्षा के माध्यम से जारी है । विभागीय निरीक्षक उमा शंकर पोद्दार ने कहा कि सीबीएसई पाठ्यक्रम में कुछ त्रुटियां हैं। इन त्रुटियों को बदलने के लिए शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास भारत सरकार से एक सौ से भी ज्यादा केस लड़ रही है। इनमें से कुछ केसों में जीत भी हुई है। प्रधानाध्यापक विनोद कुमार ने कहा कि विद्या भारती संपूर्ण भारत में 50 बीएड कॉलेज, 5 टेक्नीकल इंस्टीच्यूट और 13,000 सरस्वती शिशु केंद्र व स्वावलंबन केंद्र चला रही है। इस दौरान कार्यक्रम मॉनिटर कौशिक आनंद व आईबी के प्रदीप कुमार चौधरी सहित कई लोग मौजूद थे।

उत्तर बिहार के आचार्य, अभिभावक व प्राचार्य करेंगे शिरकत

किशनगंज: लोकार्पण के उपरांत सर संघ चालक श्री भागवत शिक्षा, समाज व संस्कृति विषय पर अपने विचार व्यक्त करेंगे। इस अवसर उत्तर बिहार के सभी सरस्वती विद्या मंदिर के प्रधानाध्यापक, प्राचार्य, आचार्य, अभिभावक सहित स्थानीय विद्यार्थियों को आमंत्रित किया गया है।

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