मंगलवार, 31 मार्च 2015

निस्वार्थ और पूजा भाव से की गई सेवा ही सच्ची सेवा है

सच्चे अर्थों में सेवा का भाव क्या है, सेवा का उद्देश्य क्या है, संघ और सेवा भारती किन क्षेत्रों में सेवा कार्य कर रहे हैं, सेवा को लेकर भारतीय चिंतन क्या कहता है, सेवा की आड़ में मतांतरण और स्वार्थ सिद्धि के प्रयास कितने उचित हैं, ईसाई मिशनरी की सेवा के पीछे का सच क्या है….सहित अन्य विषयों पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सेवा प्रमुख
सुहास हिरेमठ जी से विश्व संवाद केंद्र भारत के प्रतिनिधि ने विस्तृत बातचीत की. सेवा से जुड़े विभिन्न विषयों पर उनके साथ बातचीत के अंश……औरभी यहा पढ़े

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