मंगलवार, 3 फ़रवरी 2015

रामपुरहाट : विहिप के हिन्दु सम्मेलन

गत बुधवार दिनांक २८.१.१५ को रामपुरहाट के गांधी स्टेडियम मैदान पर एक विराट जिला हिन्दू सम्मेलन का आयोजन विश्व हिन्दू परिषद, बीरभूम जिला की तरफ से किया गया था। उक्त सम्मेलन में विहिप के अंतर्राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीणभाई तोगड़िया , मंत्री जुगलकिशोर जी , सहमंत्री नन्द लाल लोहिया , क्षेत्रीय संगठन मंत्री डॉ सचिन सिंघा व  धर्मप्रसार प्रमुख अच्चुतानन्द जी, केंद्रीय गोरक्षा कोषाध्यक्ष श्रीगोपाल करवा, प्रांतीय उपाध्यक्ष श्री अमिय सरकार, भारत सेवाश्रम संघ के गुरुपदानन्द जी महाराज, जिला सभापति पंकज कुमार दत्त व संपादक अभिजीत दत्त आदि अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।


कार्यक्रम में लगभग १०,००० लोग उपस्थित थे।  बनवाशी लोग पारम्परिक वेसभूषा में कलश , ढोल नगारा व अन्य पारम्परिक वाद्ययंत्रों के साथ नृत्य करते हुए सभा में बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए।  पुलिश का ब्यापक प्रबंध था।  जुगलकिशोर  जी ने "निज धर्मे निधनं श्रेय , पर धर्म भयावहा " पर जोर देकर अपने धर्म में बने  जोर दिया व अपने बिछुड़े भाइयों को पुनः गले लगाने पर जोर दिया।  स्वामी गुरुपादानन्द जी व अन्य वक्ताओं के बाद डॉ प्रवीणभाई ने अपने सम्बोिधन में कहा की इतिहास साक्षी है की ईरान तुर्किस्तान से लेकर बर्मा तक पिछले २,००० वर्षों से पहले हिन्दू छोड़कर अन्य धर्म मानने वाला कोई नहीं था।

२,००० वर्ष पहले ख्रिस्तान व १४०० वर्षो पहले इस्लाम का प्रादुर्भाव हुवा।  उन्होंने हमारे समाज की कमजोरियों का व सीधे-साधे बनवासी गिरिवासी व पिछड़े,निर्धन व अनपढ़ लोगों को प्रलोभन व भय दिखा कर धर्मांतरित करना शुरू किया। फलस्वरूप समाज में बिघटन फैलाने लगा।  भाई भाई के दुसमन होने लगे।  सोने की चिड़िया कहलानेवाले भारत निर्धन बनता गया।  देश स्वतंत्र होने के पश्चात अदूरदर्शी, सत्तालोलुप व अराष्ट्रीय राजनीतिज्ञों के कारण परिस्थियाँ दिन पर दिन बिगड़ती जा रही है।  तीब्रगति से बढ़ती मुस्लिम व ख्रीस्त जनसँख्या ने देश में अराजकता फैला दी है।  देश को अगर बचाना है तो हिन्दू समाज को इस रास्त्र को समृद्धशाली व शक्तिशाली बनाने को लिए ठोस कदम उठाने होंगे।  उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय को देशहित में कार्य करने के लिए संकल्प करवाया। 

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