शुक्रवार, 23 जनवरी 2015

पाञ्चजन्य तथा आर्गनाइजर के रक्षा विशेषांक

नई दिल्ली स्थित कंस्टीटूशन क्लब में पाञ्चजन्य तथा आर्गनाइजर के रक्षा विशेषांक का विमोचन किया गया, और समारोह के प्रारम्भ में पाञ्चजन्य के संपादक श्री हितेश शंकर ने सुरक्षा पर संवाद की पृष्ठभूमि को रेखांकित किया. भारत प्रकाशन (दिल्ली) लि. के प्रबंधनिदेशक श्री विजय कुमार ने दोनों पत्रों की उत्तरोत्तर प्रगति के लिये श्री शंकर और श्री केतकर की सराहना की और धन्यवाद ज्ञापन किया. केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री श्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने कहा कि आईएसआईएस


आईएसआईएस एक ऐसी ऑर्गनाइजेशन है जो बाकी सभी टैररिस्ट ऑर्गनाइजेशन से अलग है. यह टैरिटरी हथिया रहे हैं और टैरेटरी को होल्ड कर रहे हैं. कोई भी टैररिस्ट ऑर्गनाइजेशन टैरिटरी को होल्ड नहीं कर रही थी. पेरिस में अखबार के दफ्तर पर आतंकवादी हमला अलकायदा ने किया. यानी आज दुनिया के अन्दर जो दो बड़े आतंकवादी संगठन हैं – आईएसआईएस और अलकायदा. दोनों एक साथ नहीं हैं लेकिन अगेंस्ट भी नहीं हैं. यह अपने मत में एक हैं और यह दोनों इस्लाम की सुप्रीमेसी चाहते हैं, तरीके अलग हैं. अलग-अलग देशों में टैरर करना, खासतौर से वैस्टर्न कंट्रीज में टैरर करना या हिन्दुस्थान में टैरर करना, और एक है टैरिटरी को हथियाना. अब दोनों के अन्दर मुकाबला है. इस मुकाबले में यह दोनों भारत और अफ्रीका की तरफ देख रहे हैं.  
और अलकायदा जैसे आतंकवादी संगठनों की दृष्टि भारत के युवाओं पर है, क्योंकि इनको जो ताकत मिल सकती है वह भारत के युवाओं से मिल सकती और कहीं से इतनी ताकत नहीं मिल सकती. यूरोप, और चीन बूढ़े हो रहे हैं, सिर्फ भारत में इतनी संख्या में युवा हैं जो कहीं भी पार्टिसिपेट कर सकते हैं सही दिशा में भी और गलत दिशा में भी.
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