बुधवार, 11 जनवरी 2017

सामाजिक समरसता जीवन में उतारने का विषय है – गुणवंत सिंह

दिनांक 1 जनवरी 2017 को सेवा भारती चिकित्सालय, उदयपुर के द्वारा पूजनीय बाला साहब  देवरस स्मृति सप्तम व्याख्यानमाला आयोजित की गई,  जिसका विषय था सामाजिक समरसता से ही राष्ट्र का उत्थान संभव, इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि भारत सरकार के राज्य वित्त मंत्री श्री अर्जुनराम जी मेघवाल मुख्य वक्ता के रुप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह सेवा प्रमुख श्री गुणवंत जी कोठारी रहे ।

शुक्रवार, 11 नवंबर 2016

'राष्ट्र सर्वोपरि', विचारकों एवं कर्मशीलों का राष्ट्रीय विमर्श 'लोकमंथन' का आयोजन भोपाल में

लोकमंथन
नई दिल्ली, (टाफार). लोकमंथन, देश में पहली बार एक ऐसा आयोजन जो जयपुर में हर साल आयोजित होने वाले अंगरेजी दा लिटरेरी महोत्सव से एकदम अलग होगा. मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 12 से 14 नवम्बर तक आयोजित किए जाने वाले इस आयोजन की विशेषता यह होगी की इसमें राष्ट्र निर्माण में कला, संस्कृति और इतिहास की भूमिका पर विस्तार में चर्चा होगी और ख़ास बात यह की यह मंथन औपनिवेशिक मानसिकता से आजादी के लिए होगा.
इस तीन दिवसीय महोत्सव का आयोजन मध्यप्रदेश सरकार और प्रज्ञा प्रवाह नामक संस्था द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा और इसमें कला, संस्कृति, इतिहास, राजनीति, अर्थ नीति समाज-विज्ञान और तमाम दूसरे क्षेत्रों से जुड़े युवा और बुद्धिजीवी मिलकर सार्थक संवाद करेंगे और राष्ट्रवादी सोच के अनुरूप चर्चा करेंगे.

गुरुवार, 27 अक्तूबर 2016

विभिन्न राज्यों में जेहादी सांप्रदायिक हिंसा पर वक्तव्य

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

अखिल भारतीय कार्यकारी मंडलभाग्यनगर (तेलंगाणा)

आश्विन कृष्ण 8-10  युगाब्द 5118 (23-25 अक्तूबर 2016)

अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल केरल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तथा अन्य विरोधियों के विरुद्ध उसकी निरंतर हिंसा की कठोर शब्दों में निंदा करता है| केरल में 1942 में अपना कार्य प्रारंभ करने के समय से ही संघ द्वारा केरल प्रदेश के नागरिकों में राष्ट्रीय भावना, एकता एवं एकात्मता का भाव उत्पन्न करने के पवित्र कार्य तथा इसकी लोगों में सतत बढ़ती लोकप्रियता एवं प्रभाव से हताश होकर वामपंथी एवं बाद में विशेषकर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, संघ की शाखाओं कार्यकर्ताओं पर अकारण एवं नृशंस आक्रमण कर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को समाप्त करने के निष्फल प्रयासों में जुटे हुए हैं| मार्क्सवाद, एक विचारधारा के नाते अपनी मूल प्रवृत्ति से ही, केवल असहिष्णु अपितु अधिनायकवादी भी है| केरल प्रदेश में गत सात दशकों में रक्त पिपासु मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी काडर द्वारा अपने नेतृत्व की मूक सहमति एवं मिलीभगत से 250 से अधिक संघ के ऊर्जावान एवं होनहार युवा कार्यकर्ताओं की वीभत्स तरीके से हत्याएँ एवं भारी संख्या में स्त्रियों और पुरुषों को गंभीर चोटें पहुचाकर उन्हें अक्षम बनाया है| संघ के इन उत्पीड़ित कार्यकर्ताओं की सर्वाधिक संख्या मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी का गढ़ माने जाने वाले कन्नूर जिले से ही है| संघ के स्नेह तथा आत्मीयता आधारित कार्य, स्वच्छ छवि एवं राष्ट्रवादी चिंतन से आकर्षित होकर, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के काडर का निरंतर उसके प्रभाव में आते जाना उनको सर्वाधिक अखरता है|

शुक्रवार, 21 अक्तूबर 2016

दीनदयाल उपाध्याय संपूर्ण वाङ्मय, लोकार्पण - रिपोर्ट

नई दिल्ली,। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीनदयाल उपाध्यायजी को विकल्प की राजनीति का प्रणेता बताते हुए कहा कि उनकी मजबूत नींव के सहारे ही अल्पावधि में भाजपा की विपक्ष से विकल्प तक की यात्रा संभव हुई। दीनदयालजी ने छोटे से जीवनकाल काल में एक विचार को विकल्प बना दिया।

यहाँ विज्ञान भवन में पंडित दीनदयाल उपाध्यायजी केजन्मशती वर्ष पर प्रभात प्रकाशन द्धारा प्रकशित उनके सम्पूर्णवाङ्मय का लोकार्पण करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दीनदयालजी के ही अथक प्रयासों का परिणाम है कि एक राजनीतिक दल की बहुत कम समय में विपक्ष से विकल्प तक की यात्रा संभव हुई।